
किसीने बड़ी कमाल की बात कहीँ है कि, "हर जगह इत्र ही नहीं महका करते, कभी कभी शख्सियत भी खुश्बू दे जाती हैं।"
एक बार एक जंगल में एक कौआ रहता था। कौआ बड़ा खुश था अपनी जिंदगी में, जो कुछ उसे मिलता था उसमें खुश था। दाना खाके घर आ जाता था, अपने घोंसले में रहता था, सब कुछ बढ़िया चल रहा था।
लेकिन एक दिन उसने गलती से एक सुन्दर सफ़ेद पक्षी को देख लिया, उसने सोचा की कोन हैं जो मुझसे ज्यादा चमकदार हैं। तो वो बात करने के लिए उस पक्षी के पास पंहुचा।
जाकर के पूछा की, "भाई तुम्हारा नाम क्या हैं ?" उस पक्षी ने बोला की, "मेरा नाम हंस हैं।" कौए ने कहा की, "भाई तुम तो बड़े खुश रहते होंगे, तुम तो इतने चमकदार हो, सफ़ेद हो, मुझे देखो बिलकुल काला हूँ।" तो हंस ने कहा कि, "नहीं में भी पहले यही सोचता था कि में दुनिया का सबसे सुंदर पक्षी हूँ लेकिन जबसे मेने तोते को देखा है मुझे लगता हैं कि तोते जितना सुन्दर कोई नहीं।" कौए ने कहा कि, "तोते के बारे में थोड़ा ओर बताओ क्या हैं ? कोन हैं ?"
हंस ने बताया कि, "भाई वो दो रंग वाला पक्षी हैं। तुम्हारे-मेंरे पास तो एक-एक रंग हैं, तुम काले हो में सफ़ेद हूँ लेकिन तोते के पास दो रंग हैं। तोते को ऊपर वाले ने हरा रंग दिया हैं, गले मे उसके लाल रंग हैं। तुम उससे जाकर के मिलो मजा आ जायेगा।"
अब वो कौआ निकल गया तोते को ढूंढने। जंगल मे पहोंचा और उसे दो रंग वाला एक पक्षी दिखाई दिया। कौआ उसके पास गया और बोला, "भाई तुम्हारा नाम तोता हैं ?" उस पक्षी ने कहाँ, "हाँ मेंरा नाम तोता हैं।" कौए ने कहाँ की भाई तुम तो बड़े खुश रहते होंगे, तुम्हारे पास तो दो रंग हैं मुझे देखो बिलकुल काला हूँ।
तोते ने कहाँ की नहीं में भी पहले यहीँ सोचता था कि में दुनिया का सबसे सुंदर पक्षी हूँ लेकिन जब मैंने मोर को देखा में दंग रह गया। कौए ने मोर के बारे मे पूछा, तो तोते ने बताया कि वो बहोत सारे रंग वाला पक्षी हैं, बड़ा ही रंगबेरंगी पक्षी हैं। तुम जाकर के मिलो एक बार मजा आ जायेगा। बिलकुल लंबे-लंबे पंख हैं।
कौए ने फिर से अपनी उड़ान शुरू की, फिर से तलाश शुरू की। उसने पूरा जंगल छान मारा लेकिन उसे कही भी मोर नहीं मिला। वो उड़ते उड़ते एक शहर मे पहोंच गया। वहाँ देखा तो चिड़ियाघर मे एक मोर था। उसे देखने के लिए लोग आये हुए थें, सब उसकी फ़ोटो खिंच रहे थें। कौआ ये सब देख रहा था। उसने सोचा वाह सब मजे चल रहे हैं, ये हैं सबसे खुश, ये हैं सबसे सुंदर।
जब चिड़ियाघर बंद होने का समय हुआ, लोग चले गए तो कौआ उसके पास जाकर बोला, "भाई तुम्हारा नाम मोर हैं ?" मोर ने कहाँ हा मेरा नाम मोर हैं। कौआ बोला, "भैया तुम्हारे बारे मे बड़ा सुना, जंगल मे सब कहते हैं कि सबसे सुंदर पक्षी मोर हैं। मोर ने कहा, "अच्छा किस किस ने बताया ?" कौए ने कहा कि हंस ने बताया, तोते ने बताया कि आप तो उससे भी ज्यादा खूबसूरत हों, आपके पास कितने सारे रंग हैं!
तब जाकर के मोर ने बोला, "मेरे भाई में सबसे ज्यादा खुश नहीं हूँ। मुझे देख रहे हो इश पिजरे मे बंद हूँ। मेंरे साथ लोग फोटो तो खिंच ने तो आते हैं लेकिन मुझे कोई आज़ाद नहीं करता। तुम्हे देखो कितने खुश हों, जहा चाहे जा सकते हों, तुम्हे कोई रोकने वाला नहीं हैं। उस दिन उस मोर ने कौए को उसकी जिंदगी की अहेमियत समझा दी।
आपकी-हमारी जिंदगी मे भी यही होता हैं, हम कई बार अपनी जिंदगी की तुलना दुसरो की जिंदगी के साथ करते हैं। यह नहीं समझते की हमारी जिंदगी की जो situation हैं वो दुसरो से अलग हैं।
जब-तक हम compare करते रहेंगे तब-तक दुःखी होते रहेंगे। इंसान के सबसे बड़े दुःख का कारण हैं comparision. जिस दिन हमने तुलना करनी बंद कर दी उस दिन शायद हम कमाल कर देंगे। तो तुलना करना बंद कीजिए और आगे बढिये।
इसलिए कहते हैं कि अपनी ताकत को पहचानिये, अपनी क्षमता को पहचानिये और आगे बढ़ते जाइए।
अंतमे इतना ही कहूंगा कि, "कर दिखाओ कुछ ऐसा की दुनिया करना चाहे आपके जैसा।"
....Thanks....
Nice 😎👍👍👍👍
ReplyDeleteThx
Delete